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अलग सोच अलग पहचान -Motivational Story in Hindi

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अलग सोच अलग पहचान – मोटिवेशनल स्टोरी इन हिंदी 

ये कहानी है एक टैक्सी ड्राइवर राजू की और एक आदमी अमित शर्मा, जिसने टैक्सी बुक की थी।

अमित किसी काम को लेकर मुंबई गया। टैक्सी वो बुक कर चुका था। वो airport पर इंतज़ार कर रहा था, तभी राजू टैक्सी लेकर आया। अमित देखकर हैरान था कि टैक्सी एकदम नयी जैसी थी। उसने राजू से पूछा क्या ये वही टैक्सी है, जो उसने बुक की थी। तो राजू ने कहा सर ये वही टैक्सी है, जो अमित शर्मा के नाम से बुक है।

राजू गाड़ी से उतरा और पीछे का दरवाज़ा खोला और एक मिशन STATEMENT  की लिस्ट अमित को पकड़ा दी। जिस पर लिखा था। राजू मिशन STATEMENT

उसने बताया मैं राजू हू। आपका ड्राइवर और आपका समान मैं गाड़ी में पीछे रख रहा हू। तब तक आप इसे पढ़ लीजिए। उसमें लिखा था कि मैं आपको अपनी मंज़िल पर सबसे सस्ते दामों पर और सुरक्षा के साथ और जल्दी पहुचाने की कोशिश करूँगा। आपको कोई दिक़्क़त नहीं आयगी।

अमित सोच रहा था कि एक टैक्सी ड्राइवर के पास इतना कुछ। अमित जब गाड़ी में बैठा, तो चौक गया कि गाड़ी एक दम साफ़ सुथरी बिलकुल नयी गाड़ी, अमित अभी सोच ही रहा था तभी राजू बोला। सर आपको AC ठीक लग रहा है। कम या ज़्यादा करना है तो आप मुझे बता दीजिए। अमित बोला नहीं ठीक है। फिर अमित ने पूछा सर आप music कैसा सुनेगे, आपको FM या कोई नया या पुराना सुनना है तो आप बता सकते है। मैं वही म्यूज़िक बजा दूँगा। अमित ने सोचा यार बड़ा कमाल का आदमी है, तभी राजू बोला सर आप कोई newspaper हिंदी इंग्लिश।  दोनो मिल जाएँगे, तो अमित ने एक newspaper ले लिया।

फिर राजू ने पूछा सर आप कुछ कोल्ड ड्रिंक, पानी या जूस लेना चाहेंगे, तो अमित ने कहा ठीक है। एक कोल्ड ड्रिंक दे दो। तो राजू बोला आपके सीट के पास एक छोटा सा फ़्रीज़ है। उसमें सारी चीज़ें है आप जो चाहे ले सकते है। अमित ने उसमें से एक कोल्ड ड्रिंक ले ली। राजू फिर बोला सर अगर आप हमारे शहर के बारे में कुछ पूछना चाहते है तो पूछ सकते है जैसे घूमने की जगह वग़ैरह।

तभी अमित से रहा नहीं गया अमित ने पूछा क्या आप हमेशा हर कस्टमर को इसी तरह ट्रीट करते हो। जिस तरह आप मुझे कर रहे हो। इसी तरह बात करते सब कुछ इसी तरह हर रोज़ करते हो। राजू ने बोला नहीं, आज से पाँच साल पहले तक मैं ये नहीं कर रहा था। मुझे पाँच साल हो गये टैक्सी चलाते हुए पर पिछले साल से मैंने इसे शुरू किया और पहले चार साल मैं एक साधारण टैक्सी ड्राइवर ही था। तभी मैंने एक दिन radio पर एक कहानी सुनी उस RJ ने कहानी सुनाई  जो कि DUCK और एक Eagle की थी।

Duck तो हमेशा क्वाक क्वाक कर, हमेशा शिकायत करता है और जो Eagle होता है। वो हमेशा दुनिया से अलग ऊपर उड़ता है। उस कहानी में ये बताया गया कि हमें अगर इस दुनिया में अगर कुछ करना है तो अलग हट कर कुछ करना होगा। वो बात मेरे दिल को छू गयी। मैंने देखा जो मेरे साथी ड्राइवर थे वो भी उस Duck की तरह थे जो हमेशा शिकायत करते थे। हमारी सैलरी ठीक नहीं है। हमारे हालात ठीक नहीं है वग़ैरह वग़ैरह। मैं भी शिकायत करता था कि हमारी जॉब ठीक नहीं है, हमें ज़्यादा काम करना पड़ता है।

लेकिन उस दिन मैं सोचा कि अगर मैं कुछ अलग करूँगा तो शायद मुझे भी अच्छा लगेगा और मेरे साथ पैसेंजर को भी अच्छा लगेगा। आप यक़ीन मानिये जब से मैं इसे रोज़ाना शुरू किया तब से मेरी ज़िंदगी पूरी तरह बदल गयी।

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