आत्मविश्वास : 21 उपाय जीवन में आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए

आत्मविश्वास बढ़ाने के उपाय

आत्मविश्वास क्या है 

आत्मविश्वास हमारी आत्मा का आश्रय है, कुछ करने की प्रेरणा है, कुछ पाने का प्रोत्साहन है। कामयाबी और आत्मविश्वास में गहरा आपसी संबंध है और ये एक दूसरे के पूरक है। छोटे से छोटे काम में कामयाबी के लिए हम में आत्मविश्वास का होना बहुत ज़रूरी होता है।  आत्मविश्वास को बढ़ाने में छोटी से छोटी कामयाबी बहुत सहायक होती है।

हर परिस्थिति एक व्यक्ति से कुछ अपेक्षा करती है और हर व्यक्ति की उस अपेक्षा को पूरा करने की अलगअलग क्षमता होती है। अगर  किसी स्थिति की अपेक्षा उसकी क्षमता से ज़्यादा हो तो वह आत्मविश्वास की कमी महसूस करता है, और अगर उसकी क्षमता उस स्थिति की अपेक्षा पूरी करने को बराबर हो तो वह आत्मविश्वास से भरपूर महसूस करता है।

आत्मविश्वास की कमी से हम में असुरक्षा और हीनता का आभास होता है। अगर हमारा आत्मविश्वास कम हो तो हमारा व्यवहार नकरात्मक रहता है और हम तनाव से ग्रस्त रहते है। नतीजतन हमारी एकाग्रता में भी कमी हो जाती है हम निर्णय लेते समय भ्रमित और गतिहीन से हो जाते है। इससे हमारा व्यक्तित्व पूरी तरह से खिल नहीं पता। ऐसे में सफलता हमसे कोसो दूर हो जाती है। सबसे पहले आत्मविश्वास करना सीखो, आत्मविश्वास जैसा कोई दूसरा मित्र नहीं

आत्मविश्वास ही सफलता की पहली सीढ़ी है।

आत्मविश्वास विकसित कैसे करे

हमें परिस्थितियों से झूझने की अपनी क्षमता को बढ़ाना चाहिए और दूसरी ओर हमें विषम परिस्थितियों में अपेक्षाओ को सम्भालना सीखना चाहिए।

आत्मविश्वास को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण क़दम होगा जब हम ख़ुद को मायूस कर देने वाले व्यक्तियों नकरात्मक परिस्थितियो से कोसो दूर रहे। क्योंकि यह हमारे आत्मविश्वास को एकदम ख़त्म कर देती है। इन सब के विपरीत हमें अपना समय उत्साह बढ़ाने के लिए ख़ुद को सकारात्मक विचारों से युक्त रखना चाहिए। मैं सबसे उतम हूँ, पूरा हूँ, सम्पूर्ण हूँ। मुझ में कोई कमी नहीं है। मैं कोई भी कार्य करने में सक्षम हू। मैं सही हूँ।

कई बार अपने में आत्मविश्वास जागने के लिए आत्मविश्वास से भरपूर व्यक्ति का अभिनय करना या उस जैसा बर्ताव करना काफ़ी मददगार साबित होता है।

एक आत्मविश्वास से भरे व्यक्ति के शारीरिक संकेत कुछ ख़ास होते है। उसके चेहरे के हाव भाव कुछ अलग होते है जिससे आत्मविश्वास प्रभावी रूप से झलकता है। उसकी शारीरिक क्रिया आरामदायक, सहज शांत होती है। उसकी दृष्टि सीधी, ध्यानपूर्ण, रुचिपूर्ण और प्रभावशाली होती है। उसकी आवाज़ सुरीली आसानी से सुने जाने की सीमा तक ऊँची होती है।

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आत्मविश्वास एक शक्ति

आत्मविश्वास एक अद्भुत शक्ति होती है इसके बल से व्यक्ति तमाम विपतियो और शत्रुओं का सामना कर लेता है। संसार के अभी तक के बड़े से बड़े कार्य आत्मविश्वास के बलबूते ही हुए है, हो रहे है तथा होते रहेंगे। हर माता पिता को चाहिए कि वे अपने बच्चों में आत्मविश्वास भरे। उनका आत्मविश्वास कभी कम नहीं करना चाहिए उन्हें कभी भी इस प्रकार के नकरात्मक शब्द ना बोले कि तुम कुछ नहीं जानते या तुम में इस बात की कमी है।

इससे बच्चों में आत्मविश्वास कम होता है अथवा इससे उन में हीनभावना जागृत होती है। वे कुंठित हो जाते है। आज संसार में चारों ओर निराशा, नशा और भ्रष्टाचार फैला हुआ है। ऐसे समय में आत्मविश्वास आपको सब चिंताओ से हटकर आगे बढ़ने में सहायक होता है।

आत्मविश्वास की कुंजी है असफलता को स्वीकारना। अच्छे काम के लिए ख़ुद को सराहे। आपके द्वारा सफलतापूर्वक किया गया काम आप फिर दोहरा सकते है इससे आपका आत्मविश्वास बढ़ेगा।

यदि आपको वर्तमान परिस्थिति कठिन लगे तो उसे नए तरीक़े से सिखने का प्रयास करना चाहिए। कुछ नया सीखने से आपका आत्मविश्वास बढ़ेगा और आपको इस बात का एहसास होता रहेगा कि मैं कुछ अलग नया जानता हू। इससे आपके काम कम समय में बेहतर तरीक़े से होगा।

आत्मविश्वास के निर्माण के लिए ज़रूरी है कि अपनी शक्तियों और कमज़ोरियों को एक यथार्थवादी ढंग से समझने की कोशिश करे। इसके लिए अपने अंदर झांककर यह जाने कि आख़िर वह कौन से कारण है जो परिस्थितियो का सामना करने की बजाय आपको कमज़ोर बना देता है। 

आत्मविश्वास बढ़ाए

अपने व्यक्तित्व विकास पर ध्यान देते रहे तथा हमेशा अपना व्यक्तित्व आकर्षक बनाए रखिए। अपनी Body Language और कम्यूनिकेशन स्किल को सुधारे। सीमित सोच को ना अपनाए। स्वयं को नयी सूचनाओं से अपडेट रखे तथा आसपास के परिवेश से भी तालमेल बैठाए रखे।

आत्मविश्वास और इच्छाशक्ति व्यक्ति की मानसिक और शारीरिक मापदंड पर निर्भर करती है। स्वस्थ मस्तिष्क और स्वस्थ शरीर ही आत्मविश्वास इच्छा शक्ति बनाए रखता है। योगा अभ्यास के द्वारा आप अपने अवचेतन मन से अपने आत्मविश्वास को कई गुना बढ़ा सकते है। रोज़ाना योगा अभ्यास से चेतन मन से किसी कार्य की योजना बारबार दोहराने से वह अवचेतन मन में प्रतिबिंबित होने लगती है और अवचेतन मन अपार शक्ति से साथ कार्य करने लगता है आपको इसके द्वारा अपार सफलता प्राप्त होती है। 

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21 उपाय आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए  :


1. स्वयं पर विश्वास रखे (belive in Yourself): लक्ष्य बनाए एवं उन्हें पूरा करने के लिए समर्पित रहे। जब आप अपने द्वारा बनाए गए लक्ष्य को पूरा करते है तो ये आपके आत्मविश्वास को कई गुना बढ़ा देता है।

2. ऐसे लक्ष्य बनाए जिसे आप प्राप्त कर सके(Achievable goals): अपनी क्षमता के अनुसार शुरुआत में छोटे छोटे लक्ष्य सेट करे। उन्हें हासिल करे जिस से आपके आत्मविश्वास में बढ़ोतरी होगी। ज़्यादा बड़े लक्ष्य को हासिल करने में समय लगता है बीच में कोई भी विफलता आये तो वो self confidence को गिरा देता है और जिससे स्वयं पर विश्वास कम हो जाता है।

3. ख़ुश रहे (Be Happy) : ख़ुद को प्रेरित करे, असफलता से दुखी होकर उस से सीख ले, क्योंकि अनुभव हमेशा प्रयास करते रहने से प्राप्त होता है। लोगों के साथ अपने अनुभव Share करे । नए दोस्त बनाए नयी जगह पर जाकर नयी ख़ुशी का एहसास करे ।

4. हमेशा आसान काम पहले करे और मुश्किल काम बाद में (Do Easy Work First): जब आप पहले आसान काम अच्छे से कर लेते है तो दबाव कम हो जाता है और confidence बढ़ता है जिस से मुश्किल काम भी आसान बन जाता है। जितने काम आप सफलता पूर्वक करते जायेंगे उतना आपकी क्षमता मुश्किल कामों को करने में सक्षम होती जाएगी।

5. सकारात्मक सोचे (Be positive) : हर कोई हर क्षेत्र में Expert नहीं हो सकता। हर व्यक्ति अपने interest के हिसाब से एक या दो area ऐसे चुन सकता है जिस में उसका रुझान हो, जिस में वो औरों से बेहतर बन सकता है वो चाहे Music, Dancing, Singing या फिर कोई भी Sports हो सकता है कोई ऐसा सबजेक्ट जो आपको दिल से पसंद हो। जो आपको भीड़ से अलग कर दे, ये इतना मुश्किल नहीं है आप Already किसी न किसी चीज़ में बहुतों से बेहतर होंगे । बस थोड़ा से मेहनत कर उसमें Expert बन जाइए, इसमें थोड़ा समय तो लगेगा लेकिन जब आप ये कर लेंगे तो सभी आपकी Respect करेंगे और आप कही ज़्यादा Confident फ़ील करेंगे ।

6. इस दुनिया में नामुनकिन कुछ भी नहीं है (Nothing is Impossible): आत्मविश्वास का सबसे बड़ा दुश्मन किसी भी कार्य को करने में असफलता होने का डर है डर को हटाना है तो वह कार्य अवश्य करे जिसमें आपको डर लगता है। उस कार्य को करने बाद आपका डर कम होता है क्योंकि डर केवल एक सोच होती है उसका अस्तित्व नहीं होता वो केवल हमारे मन का वहम होता है।

7. आप यह मत सोचिये कि लोग आपके बारे में क्या सोचेंगे (Don’t worry about people Opinion): – सबसे बड़ा यही रोग क्या कहेंगे लोग: ज़्यादातर लोग कोई भी कार्य करने से पहले कई बार सोचते है कि वह कार्य करने से लोग उनके बारे में क्या सोचेंगे या क्या कहेंगे और इसलिए वे कोई निर्णय ले नहीं पाते। वह सोचते ही रह जाते है समय उनके हाथ से पानी की तरह निकल जाता है। ऐसे लोग हमेशा डरडर के जीते है और बाद में पछताते है इसलिए ज़्यादा मत सोचिए जो आपको सही लगे वह कीजिए।

8. सच बोले, ईमानदार रहे (Speak the truth, be honest) : धूम्रपान ना करे, प्रकृति से जुड़े, अच्छे कार्य करे, ज़रूरतमंदो की मदद करे। ऐसे कार्य आपको सकारात्मक शक्ति देते है वही दूसरी ओर ग़लत कार्य एवं बुरी आदतें हमारे आत्मविश्वास को गिरा देती है।

9. अच्छे दिखिए (Look good) : अपनी ड्रेसिंग को Improve करे। दूसरों की देखादेखी ना चले,  वह पहनिये जो आपको comfortable लगे। कपड़े कम ख़रीदिए लेकिन अच्छे ख़रीदिए। हमारा पहनावा हमारे आत्मविश्वास पर काफ़ी असर डालता है, आपने भी बात कभी न कभी ज़रूर महसूस की होगी कि जब भी आप अच्छे और साफ़ कपड़े पहनते है तो आपमें एक अलग ही एनर्जी आ जाती है । यदि आप अच्छे से तैयार होते है कही भी जाने के लिए तो सामने वाले पर भी काफ़ी अच्छा प्रभाव पड़ता है । 

10. आपका व्यवहार काफ़ी मायने रखता है (Your Behaviour matter): अपने आस पास लोगों के साथ अच्छा व्यवहार करे और हमेशा नम्रता के साथ व्यवहार करे। इससे ना केवल आत्मविश्वास बढ़ेगा बल्कि इससे आपके अच्छे मित्रों की संख्या भी बढ़ेगी। अच्छे मित्र हमेशा मदद करने के लिए तैयार रहते है और आपके सुख दुःख में हमेशा आपके साथ होते है।

11. मोटिवेशन विचारों का निर्माण करे (Build Motivation Ideas): ऐसे विचारों को अपने जीवन का हिस्सा बना ले, जो आपको मोटिवेट करते हो। ऐसे TV प्रोग्राम या VIDEO देखे जो आपको Inspire करे, Self Improvement और पर्सनल development की किताबें एवं प्रेरणदायक लेख पढ़े। ऐसे प्रेरणदायक लेख एवं किताबें हमारे दिमाग़ को रीचार्ज कर देती है।

12. वर्तमान में जिए (Live Presents) : अक्सर हमारी निराशा का कारण भूतकाल की कुछ बातें या भविष्य की चिंता होती है। हम पुरानी बातों का चिंतन करके अपना वर्तमान समय नष्ट कर देते है या फिर भविष्य के बारे में इतना ज़्यादा सोचते ही की हमें हर बात में शंका होने लगती है। इन सब से हट कर हमें वर्तमान समय के मूल्य को जान कर उसका भरपूर फ़ायदा उठाना होगा। वर्तमान समय का सदुपयोग हमारे भूत और भविष्य को सुधार देगा।

13. व्यर्थ की बातों में समय ना बिताए (Don’t spend time in things worthless) : जीवन में कुछ बातें या घटनाए संयोगवश हो सकती है । लेकिन आप अगर प्रतीक्षा करेंगे कि सबकुछ अपने आप हो जाएगा, तो शायद आप सारी ज़िंदगी wait करते रह जाएँगे । लक्ष्य को हासिल करने के लिए कर्म तो करने ही पड़ते है ।

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14. मेडिटेशन करे (Do Meditation): अपनी दिनचर्या में योग,meditation करे। अपने लिए समय निकाले और कुछ समय एकांत में बिताए। स्वयं से बात करे और महसूस करे कि आप एक बेहतर इंसान है।अपने से बेहतर व्यक्ति के अच्छे गुणो को अपने जीवन में शामिल करे । महापुरुषों की जीवनशेली जाने और उन्हें अपने जीवन में उतारे इससे आपमें अच्छी आदतों का विकास होता है ।

15. अपनी सफलताओं को याद करे (Remember your successes): जैसी आपकी सोच होगी वैसा ही आपका वर्तमान होता है । आपकी सोच आपके आत्मविश्वास को बढ़ाने में काफ़ी योगदान दे सकती है । यदि हम हर समय नकरात्मक सोचते है कि मैं ये नहीं कर सकता, मैं ये कैसे करूँगा , पता नहीं ये हो पाएगा या नहीं, कही मैं नाकामयाब ना हो जाऊँ । आपकी अगर सोच ऐसी है तो आप कामयाब नहीं हो सकते ।कल्पना करे कि आप कुछ भी कर सकते है और आपके लिए नामुनकिन कुछ भी नहीं।

16. हमेशा चिंतामुक्त रहने की आदत अपनाए(Always adopt a habit of being relieved): कुछ ना कुछ नया करे हमेशा रचनात्मक तरीक़े से सोचे। दिन में कुछ समय अच्छा संगीत सुनने, खेलने के लिए और कुछ नया सिखने के समय ज़रूर निकाले।

17. आत्मनिर्भर बने (Become self-sufficient):जितना हो सके अपने कार्य स्वयं करने की कोशिश करे। आत्मनिर्भरता से आपका आत्मविश्वास का लेवल बढ़ता है ।ग़लतियों से ना डरे । एक एक ग़लती जो अपने की यदि आप उस पर ध्यान दे तो ये आपका सबसे अच्छा गुरु होगा, क्योंकि हमारी ग़लतियाँ हमें ये सिखलाती है कि हमारे काम में क्या कमी थी जो हम विफल हुए । यदि हम उस कमी को ध्यान से पहचान ले तो कामयाबी हमारे क़दम चूमेगी ।

18. ऐसे कार्य भी करे जिसमें आपका इंट्रेस्ट ना हो (Do some work that does’t interest you):ऐसे काम करने शुरू करे जिसमें आपकी रूचि ना हो। उस कार्य को करके आप उसके बेहतर तरीक़े से समाज पाएँगे। आप अपना 100% दे। उस काम को करके आपका आत्मविश्वास बढ़ेगा और जितना काम से बचेंगे उसके प्रति ना करने की हीन भावना भड़ती जाएगी। इस से अच्छा है हर काम को अपनी पूरी ऊर्जा लगा कर उसे पूरा करे।

19. उस बारे में सोचना बंद करे जिस पर नियंत्रण ना हो (Stop thinking about which there is no control): अगर आप उस बातों या परिस्थितियों की वजह से दुखी हो जाते है जो आपके नियंत्रण में नहीं है। तो इसका परिणाम समय की बर्बादी भविष्य का पछतावा है। जिस से आपका सेल्फ़ कॉन्फ़िडेन्स गिरता है।

20. दृढ़ निश्चय (Determination) : आप अपने लक्ष्य के प्रति दृढ़ रहे और अपना १००% दे। मेहनत लगन से बड़े से बड़ा मुश्किल कार्य आसान हो जाता है। अगर लक्ष्य को प्राप्त करना है तो बीच में आने वाली बाधाओं को पार करना होगा, मेहनत करनी होगी, बार बार दृढ़ निश्चय से कोशिश करनी होगी।

21. असफलताओ से निराश ना हो (Don’t get frustrated with failure):लक्ष्य प्रति समर्पित इंसान के लिए विफलता जैसी कोई चीज़ नहीं होती । अगर एक दिन में आप हज़ार बार विफल होते है तो इसका मतलब हुआ कि आपको हज़ार सबक़ मिल गए । एक बार जब आपकी सोच और भावनायें सुनियोजित हो जाएगी, आपकी ऊर्जा की दिशा भी वही मूड जाएगी, फिर आपका शरीर भी एक लय में आ जाएगा। जब ये चारों एक ही दिशा में बढ़े तो लक्ष्य हासिल करने की आपकी क्षमता ग़ज़ब की होगी । फिर कई मायनो में आप अपने भाग्य के रचियता होंगे ।

असफल  लोगों के पास बचने का एकमात्र साधन ये होता है कि वे मुसीबत आने पर अपने लक्ष्य बदल देते है।

अगर आपको सफल होना है तो अपने लक्ष्य पूरे करने की आदत बनाइए कि उन्हें बार बार बदलने की। अगर आपका अपने लक्ष्य के प्रति दृढ़ निश्चय नहीं है तो आपका आत्मविश्वास का गिरना तय है।

  • मेरा नाम पवन कुमार है। Good विचार के द्वारा हिंदी के प्रति जागरूकता लाना और नयी जानकारी लाते रहना मेरा एकमात्र उदशेय है| मैं हरियाणा के एक छोटे शहर से हू, हिंदी से काफ़ी प्रभवित हू मेरी कोशिश है हिंदी किसी भी सेगमेंट में पीछे ना रह जाए|

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